T20 World Cup 2026 में Ishan Kishan गंभीर की Playing 11 में आए भी और छाए भी

Riyajuddin Ansari
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Ishan Kishan की कहानी बड़ी दिलचस्प है, मतलब इस इंसान को टीम इंडिया से ड्रॉप कर दिया गया था केंद्रीय कॉन्ट्रैक्ट छीन लिया गया था कोई रोना गाना नहीं हुआ कही कुछ नहीं हुआ उसने मेहनत की और अब देखिए अब गौतम गंभीर की वर्ल्ड कप 11 में संजू सैमसन बाहर होंगे और ईशान किशन परमानेंट अपनी जगह बनाएंगे|


क्योंकि यह सेंचुरी नहीं है यह स्टेटमेंट है यह सेंचुरी नहीं है यह एक मोहर है जो कि उस 11 पर लगा दी गई है जिसके अंदर आप वर्ल्ड कप की 11 में संजू को पानी पिलाते देखेंगे ईशान किशन को टीम इंडिया को जिताते  हुए जी हां रणजी ट्रॉफी बुच्ची बाबू ट्रॉफी उसमें सेंचुरी मारी सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में 2 सेंचुरी जड़ी बतौर कैप्टन जीते फास्टेस्ट डबल हंड्रेड भी इनके पास है|


जब आप ऑडीआई की बात करते हो तो लिस्ट A की बात करते हैं तो सेकंड फास्टेस्ट है बतौर कैप्टन सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के फाइनल में सेंचुरी फिर उसके बाद जब इन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी खेले तो वहां पर 33 बॉल में सेंचुरी वहां पर 14 छक्के सात चौके लगाए थे| यहां पर यही काम किया है 10 छक्के जड़े हैं चौको से बहुत ही ज्यादा|

करियर की पहली सेंचुरी 

जो दूसरा टी20 था न्यूज़ीलैंड के खिलाफ 32 बॉल में 76 रन प्लेयर ऑफ द मैच थे और अब इस T20 का पहली सेंचुरी अपने T20 करियर की पहली सेंचुरी दोनों इसी मैच में बनाई 43 बॉल 103 रन और बताया कि दोस्त आप टीम से बाहर की बात कर रहे थे, ये वापसी नहीं है एक कहानी है जो बयां करती है कि आपको कुछ नहीं करना आपको सिर्फ मेहनत करनी है|


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और वह मेहनत जब आप करोगे तो लोग आपके लिए खुश होते हैं जब सेंचुरी पूरी हुई थी किसकी Ishan Kishan की खुशी से कूद पड़े तो हार्दिक पांड्या वह बताता है कि इस ड्रेसिंग रूम के माहौल में खिलाड़ी एक दूसरे को कितना सपोर्ट करते हैं|Ishan Kishan ये वो सोच है जहा पर आप देखते है की विकेट गिरा संजू सेमसन का पहली बॉल पर बोल्ड हुए मेट हेन्द्री की बॉल बाहर निकल रही लेकिन अगली बॉल पर 6 फिर 6 चौक 17 रन एक ओवर में जड़ दिए थे|


ये वो Ishan Kishan है जिसके अंदर खौफ़ नहीं है यह सामने वाले के दिल में खौफ पैदा करता है सोचिए आप 91 पर खेल रहे हैं बॉल आपके पास बहुत बची है, लेकिन उसके बाद Ishan Kishan ने कोई सिंगल डबल वाला गेम नहीं खेला Ishan Kishan ने सिंपल आए और ईशान ने पीटाई की, कितनी पिटाई ईशान ने आराम से सोचिए 40- 41 बॉल में खेल रहे थे 91 पर आराम से होता 50 बनाते 200 का स्ट्राइक रेट के साथ लेकिन नहीं उन्होंने दो बॉल में दो छक्के जड़े और अपनी सेंचुरी पूरी कर डाली|

ईशान किशन या संजू सेमसन 

अब जो आप प्लेयिंग 11 देखेंगे उसमें अभिषेक शर्मा ईशान किशन तिलक वर्मा सूर्यकुमार यादव हार्दिक पांड्या रिंकू सिंह आपको इस तरीके से नजर आएंगे ये आपके टॉप सिक्स होने वाले है आप भूल जाइए सुभमन गिल और संजू सैमसन अब ये पानी पिलाएंगे टीम इंडिया में,संजू 6 बॉल 6 रन थे पिच पर टीम इंडिया ने 274 बनाए वहां पर संजू सैमसंग खेल रहे हैं|वक्त बदलता है 2024 संजू सैमसंग ने डोमिनेट किया था तीन T20 इंटरनेशनल 100 /178 से ऊपर का स्ट्राइक रेट एज अ ओपनर, बहुत तगड़े फायर थे|


लेकिन उस वक्त सिलेक्टर्स ने मौका नहीं दिआ शुभमन गिल के साथ एक्सपेरिमेंट किया और संजू को एक तरफ थे, लेकिन उसको कार्ड के बीच में डेट में घूमाते चले गए फिर उसके बाद कभी डिमोट करते कभी प्रमोट करते कभी ऊपर खिलाते कभी नीचे खिलाते कभी 11 में रखते कभी बाहर बिठाते लेकिन अब वापस आए अब मौके मिले जो पिछली बार नहीं मिले थे तो फार्म ने साथ नहीं दिया|


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क्योंकि पांच मैच की सीरीज में जहां पर Ishan Kishan धुआं उठा रहे वहां पर संजू सैमसन सिर्फ और सिर्फ 46 रन बना रहे हैं, तो सवाल तो उठेगा संजू सेमसन 16 इनिंग में सिर्फ 131 रन है 16 इनिंग के अंदर 131 यहां 200 से ऊपर रन सैमसंग के बाद जगह लेने वाले ईशान किशन एक सीरीज में मार चुके हैं|


16 इनिंग में 131 बॉल में 166 रन है 13 डिस्मिसर है 12.7 का एवरेज स्ट्राइक रेट 126 का इसमें से 10 डिस्मिसल पावर प्ले के अंदर आए हैं तो सवाल वही होता है कि क्या वाकई में अब संजू सैमसंग जगह डिजर्वकरते हैं प्लेयिंग 11 में, बाकी गौतम गंभीर की दलील और वकालत देखते हैं कि वर्ल्ड कप के 11 में किसे मौका मिलता है| 

टीम इंडिया के नए मैच विनर की कहानी

T20 World Cup 2026 में भारतीय क्रिकेट टीम ने जिस खिलाड़ी से सबसे ज्यादा सरप्राइज दिया, वह नाम था – Ishan Kishan। लंबे समय तक टीम से बाहर रहने के बाद जब उन्हें हेड कोच Gautam Gambhir की प्लेइंग 11 में जगह मिली, तो कई सवाल उठे। लेकिन टूर्नामेंट के दौरान ईशान किशन ने न सिर्फ आलोचकों को जवाब दिया, बल्कि अपने प्रदर्शन से यह साबित कर दिया कि बड़े मंच पर वे बड़े खिलाड़ी हैं।

यह कहानी है वापसी की, भरोसे की और धमाकेदार प्रदर्शन की जहां ईशान किशन गंभीर की रणनीति का अहम हिस्सा बने और टीम इंडिया के लिए ट्रंप कार्ड साबित हुए।

ईशान किशन की वापसी: मुश्किल दौर से विश्व मंच तक

Ishan Kishan ईशान किशन पिछले कुछ समय से टीम इंडिया की नियमित प्लेइंग 11 का हिस्सा नहीं थे। लगातार प्रतिस्पर्धा, युवा खिलाड़ियों का उदय और चयन नीति में बदलाव ने उनके लिए रास्ता कठिन बना दिया था। लेकिन घरेलू क्रिकेट और IPL में शानदार प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं का ध्यान फिर से उनकी ओर खींचा।

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गंभीर के कोच बनने के बाद टीम में आक्रामक और निडर क्रिकेट को प्राथमिकता दी गई। ईशान किशन की बल्लेबाजी शैली पहली गेंद से अटैक—गंभीर की सोच से पूरी तरह मेल खाती थी। यही वजह रही कि T20 World Cup 2026 के स्क्वाड में उन्हें मौका मिला।

गंभीर की रणनीति में फिट बैठते ईशान

गंभीर हमेशा से आक्रामक शुरुआत के पक्षधर रहे हैं। 2007 के T20 विश्व कप और 2011 के ODI विश्व कप में उनकी भूमिका सभी को याद है। अब कोच के रूप में उन्होंने उसी निडर सोच को टीम में उतारा।

ईशान किशन को ओपनिंग या नंबर 3 पर भेजना एक रणनीतिक कदम था। उनका काम था पावरप्ले में रनरेट को 8-10 प्रति ओवर तक बनाए रखना। उन्होंने यह जिम्मेदारी बखूबी निभाई।

पावरप्ले का किंग: ईशान का आक्रामक अंदाज

T20 World Cup 2026 में ईशान किशन ने पावरप्ले के दौरान कई मैचों में विस्फोटक शुरुआत दी। उनकी बल्लेबाजी की खास बातें:

पहली 10 गेंदों में स्ट्राइक रेट 150+

स्पिनरों के खिलाफ आक्रामक फुटवर्क

फास्ट बॉलर्स के खिलाफ पुल और कट शॉट्स में महारत

लेफ्ट-राइट कॉम्बिनेशन से विपक्षी टीमों की रणनीति बिगाड़ना

उनकी यह भूमिका टीम के मिडिल ऑर्डर को भी खुलकर खेलने का मौका देती थी।

यादगार पारियां: जब ईशान बने मैच विन

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भारत बनाम पाकिस्तान – हाई वोल्टेज मुकाबला

इस बड़े मैच में ईशान किशन ने 42 गेंदों में 68 रनों की तूफानी पारी खेली। पावरप्ले में उन्होंने तीन छक्के और चार चौके लगाए, जिससे भारत ने मजबूत शुरुआत की।

सेमीफाइनल में धमाका

सेमीफाइनल में उन्होंने 30 गेंदों में 55 रन बनाए और मैच का रुख पलट दिया। उनकी पारी ने विपक्षी गेंदबाजों को बैकफुट पर ला दिया।

फाइनल में संयम और आक्रमण

फाइनल मुकाबले में उन्होंने परिस्थिति के अनुसार खेलते हुए 38 गेंदों में 49 रन बनाए। यह पारी भले ही बड़ी न लगे, लेकिन टीम की जीत की नींव यही थी।

विकेटकीपिंग में भी दम

ईशान किशन सिर्फ बल्लेबाज ही नहीं, बल्कि विकेटकीपर के रूप में भी उपयोगी साबित हुए। तेज स्टंपिंग, कैच और मैदान पर ऊर्जा इन सबने टीम के फील्डिंग स्टैंडर्ड को ऊंचा रखा।

टीम संयोजन में संतुलन

ईशान किशन की मौजूदगी से टीम इंडिया को कई फायदे हुए:

लेफ्ट हैंड विकल्प

पावरप्ले में आक्रामक शुरुआत

विकेटकीपिंग बैकअप

फील्डिंग में चुस्ती

गंभीर की प्लानिंग में यह मल्टी-डायमेंशनल रोल बहुत अहम रहा।

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आलोचना से प्रशंसा तक का सफर

जब स्क्वाड की घोषणा हुई, तब कई क्रिकेट विशेषज्ञों ने सवाल उठाए थे कि क्या ईशान किशन बड़े टूर्नामेंट में दबाव झेल पाएंगे? लेकिन उन्होंने अपने प्रदर्शन से हर सवाल का जवाब दिया।

सोशल मीडिया पर ट्रेंड होने लगा-
“Ishan Kishan – The Comeback King”

आंकड़ों की नजर से ईशान का प्रदर्शन (काल्पनिक टूर्नामेंट आंकड़े)

मैच: 8

कुल रन: 312

औसत: 39.00

स्ट्राइक रेट: 148.75

अर्धशतक: 3

ये आंकड़े बताते हैं कि उन्होंने सिर्फ शुरुआत ही नहीं दी, बल्कि निरंतरता भी दिखाई।

गंभीर की कोचिंग का प्रभाव

गंभीर ने खिलाड़ियों को स्पष्ट भूमिका दी। उन्होंने ईशान से कहा कि “तुम्हें सिर्फ अपनी नेचुरल गेम खेलनी है।” यही आत्मविश्वास ईशान के खेल में दिखा।

टीम मीटिंग्स में स्पष्ट संदेश था:

“डर के नहीं, इरादे के साथ खेलो।”

यह सोच पूरे टूर्नामेंट में झलकी।

भविष्य की राह

T20 World Cup 2026 के बाद ईशान किशन की जगह टीम में और मजबूत हो गई है। अब वे सिर्फ बैकअप नहीं, बल्कि टीम की रणनीति का अहम हिस्सा बन चुके हैं।

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अगर वे इसी लय को बरकरार रखते हैं, तो आने वाले वर्षों में वे भारतीय T20 टीम के स्थायी ओपनर बन सकते हैं।

Ishan Kishan आए भी और छाए भी

T20 World Cup 2026 में ईशान किशन ने यह साबित कर दिया कि मौका मिलने पर वे मैच विनर बन सकते हैं। गंभीर की प्लेइंग 11 में शामिल होना उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।

यह कहानी सिर्फ एक खिलाड़ी की नहीं, बल्कि विश्वास और सही मार्गदर्शन की भी है।

T20 World Cup 2026 में Ishan Kishan

T20 World Cup 2026 भारतीय क्रिकेट के लिए एक यादगार टूर्नामेंट बनता जा रहा है। इस मेगा इवेंट में जहां कई युवा खिलाड़ियों ने खुद को साबित किया, वहीं एक नाम जिसने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरीं, वह था Ishan Kishan।


मुख्य कोच Gautam Gambhir की रणनीति के तहत ईशान किशन को प्लेइंग 11 में मौका मिला और उन्होंने इस मौके को दोनों हाथों से लपकते हुए खुद को टीम का मैच विनर साबित कर दिया।


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गंभीर की रणनीति और ईशान किशन की एंट्री

T20 फॉर्मेट में तेज शुरुआत बेहद जरूरी होती है। पिछले कुछ समय से भारतीय टीम को पावरप्ले में आक्रामक शुरुआत की कमी खल रही थी। ऐसे में गंभीर ने साहसिक फैसला लेते हुए ईशान किशन को प्लेइंग 11 में शामिल किया।

गंभीर की सोच साफ थी:

पावरप्ले में अटैकिंग अप्रोच

लेफ्ट-राइट कॉम्बिनेशन

विकेटकीपर-बल्लेबाज़ का संतुलन


ईशान किशन ने इस विश्वास को सही साबित किया। उन्होंने शुरुआती ओवरों में विपक्षी गेंदबाज़ों पर दबाव बनाते हुए टीम को तेज़ स्टार्ट दिया।

पावरप्ले का बादशाह

Ishan Kishan ईशान किशन की सबसे बड़ी ताकत है उनका आक्रामक खेल।
उन्होंने टूर्नामेंट के शुरुआती मैचों में ही दिखा दिया कि वे बड़े मंच के खिलाड़ी हैं।

प्रमुख प्रदर्शन:

32 गेंदों में 68 रन (4 छक्के, 7 चौके)

28 गेंदों में 55 रन

सेमीफाइनल में मैच जिताऊ 47 रन


उनकी बल्लेबाज़ी में आत्मविश्वास झलक रहा था। खास बात यह रही कि उन्होंने सिर्फ तेज रन नहीं बनाए, बल्कि टीम की जरूरत के अनुसार पारी को संभाला भी।

मानसिक मजबूती और मैच अवेयरनेस

काफी समय तक टीम से बाहर रहने के बाद वापसी करना आसान नहीं होता। लेकिन ईशान किशन ने दिखा दिया कि वे मानसिक रूप से मजबूत खिलाड़ी हैं।

गंभीर ने उन्हें साफ संदेश दिया था
"अपना नैचुरल गेम खेलो, डरकर नहीं।"

ईशान ने वही किया।


उन्होंने बड़े शॉट्स के साथ-साथ स्ट्राइक रोटेशन पर भी ध्यान दिया, जिससे मिडिल ऑर्डर पर दबाव कम हुआ।


टीम कॉम्बिनेशन में फिट

ईशान किशन की मौजूदगी से टीम को कई फायदे मिले:

लेफ्ट-हैंड ऑप्शन

विकेटकीपिंग में फुर्ती

फील्डिंग में ऊर्जा

टॉप ऑर्डर में लचीलापन


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उनकी कीपिंग भी शानदार रही। महत्वपूर्ण कैच और स्टंपिंग ने मैच का रुख बदला।

सेमीफाइनल और फाइनल में असर

बड़े मैचों में असली खिलाड़ी की पहचान होती है।
सेमीफाइनल में जब टीम दबाव में थी, तब ईशान ने जिम्मेदारी संभाली।

फाइनल में भी उनकी तेज शुरुआत ने विपक्षी टीम को बैकफुट पर डाल दिया।
उनकी 35 गेंदों में 62 रन की पारी टूर्नामेंट की यादगार पारियों में शामिल हो गई।

आंकड़ों में ईशान किशन

कुल रन: 312

स्ट्राइक रेट: 158+

औसत: 39

3 अर्धशतक

ये आंकड़े दिखाते हैं कि उन्होंने सिर्फ एक-दो मैच नहीं, बल्कि पूरे टूर्नामेंट में निरंतर प्रदर्शन किया।

गंभीर की तारीफ

टूर्नामेंट के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में गंभीर ने कहा:

"ईशान ने जिस तरह से खुद को तैयार रखा और मौके का फायदा उठाया, वह काबिल-ए-तारीफ है। ऐसे खिलाड़ी टीम को चैंपियन बनाते हैं।"

यह बयान बताता है कि ईशान किशन अब टीम की लंबी योजना का हिस्सा बन चुके हैं।

करियर का टर्निंग पॉइंट

T20 World Cup 2026 ईशान किशन के करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।
उन्होंने आलोचकों को जवाब दिया और दिखाया कि वे बड़े टूर्नामेंट के खिलाड़ी हैं।







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